होम करते ख़ुद का हाथ ही जल दिया। होम करते ख़ुद का हाथ ही जल दिया।
सूखे खेतों की नाली में झर झर पानी बहने दो। सूखे खेतों की नाली में झर झर पानी बहने दो।
होंंगे अंकुर (कर्म फल) घने। होंंगे अंकुर (कर्म फल) घने।
जगत के दुख हरने वाली, हर हृदय में उनका वास है। जगत के दुख हरने वाली, हर हृदय में उनका वास है।
इतना सब कुछ करती ही है, संग पिटाई खाती है। इतना सब कुछ करती ही है, संग पिटाई खाती है।
रोज घर से बाहर जाने पर, लोग उधार के तकाजे पर , तरह तरह से जलील करते है रोज घर से बाहर जाने पर, लोग उधार के तकाजे पर , तरह तरह से जलील करते है